का हो गइल ई देस के भगवान !
– जयंती पांडेय एकदिन एगो नेताजी अपने दुलरुआ बेटा से पूछले – बाबू रे, तें आगे जा के का बने के चाहऽतारऽ ? माने कि जिनिगी में आगे जा के का करे के इरादा बा ? उनुकर बेटा टप दे कहलसि – बाबूजी, हम त आगा चल के नेता...
Read More– जयंती पांडेय एकदिन एगो नेताजी अपने दुलरुआ बेटा से पूछले – बाबू रे, तें आगे जा के का बने के चाहऽतारऽ ? माने कि जिनिगी में आगे जा के का करे के इरादा बा ? उनुकर बेटा टप दे कहलसि – बाबूजी, हम त आगा चल के नेता...
Read More– अशोक मिश्र पता ना केकर शेर ह कि ‘बहुत शोर सुनते थे पहलू में दिल का, चीरा तो कतरा-ए-खूं भी ना निकला.’ पिछला कई महीनन से वर्ल्ड कप भारत जीती, शाबाश धोनी के धुरंधर, देश के आन-बान-शान… अउर पता ना का-का. तू ही बाड़ऽ,...
Read More– जयंती पांडेय लस्टमानंद के साथी नेताजी आजुकाल विपक्ष में बाड़ें आ उहवें एटमासफियर बनावे में लागल रहेले. ऊ जब कई दिन ले काला धन पर कुछ ना बोलले त लस्टमानंद के चिंता हो गइल कि कहीं सत्ता पक्ष में त ना डगरि गइलें. काहे कि...
Read More– जयंती पांडेय रामचेला प्रधानमंत्री के इन्टरव्यू सुनि के एकदम से सेंटिमेंटल हो गइले आ मुड़ि पीटत सनकाह अस बाबा लस्टमानंद के दुअरा आ गइले. बाबा सामने खाड़ा रहले. रामचेला पूछले – बाबा ई का सुनऽतानी कि प्रधानमंत्री जी...
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