Category: सतमेझरा

भउजी हो!

भउजी हो! का बबुआ? कइसे कइसे? कहवाँ रहतानी आजुकाल्हु कि देखलो दुलम भइल बा? जानत रहली हँ कि आजु २१ गो तोप के सलामी मिलला बिना ना रही. जानते बाड़ू हमार काम धाम. कबो कबो खाइलो पियल दुलम हो जाले. खैर तू बताव? चिदम्बरम के इस्तीफा पर...

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अमीरी के नया शौक

– जयन्ती पाण्डे वइसे त कलकत्ता शहर के बड़ाबाजार के सेठ अमीरचंद का लगे बहुत दौलत रह, करिया आ सफेद दूनो. कारोबारो कई गो रहे. जायज कम आ नाजायज बेसी. धन रहे त नाँवो रहे चारू ओर. समाज में रुतबा रहे. तबो अमरचंद के बुझाव कि कवनो...

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कोलकाता मेल

– भोजपुरिया भईया आईपीएल के जय हो… ललित बाबा के जय हो… मजा आ रहल बा… हमरा त बुझाता कि क्रिकेट देवता… भारत के आम जनता से एक्स्ट्रा लार्ज खूश बाड़न. मुंबई इण्डियन्स के परफार्मेंस से हम जतना खूश बानी...

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