Tag: भोजपुरी

लोक कवि अब गाते नहीं

भोजपुरी जनमानस के वेदना उभारत एगो उपन्यास अँजोरिया भोजपुरी के बढ़न्ती आ विकास खातिर हमेशा से प्रतिबद्ध रहल बिया आ एह खातिर ओकर हमेशा से कोशिश रहल बा कि भोजपुरी में प्रतिष्ठित रचना दिहल जाव. अँजोरिया के गर्व बा कि जतना प्रतिनिधि...

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एगो नया भोजपुरी चैनल हमनी भोजपुरिया

भोजपुरी के बढ़त लोकप्रियता देखत एह भाषा में चैनलो के संख्या बढ़े लागल बा. महुआ टीवी, संगीत भोजपुरी, मैजिक टीवी, हमार टीवी, का बाद अब हमनी भोजपुरिया नाम के टीवी चैनल के शुरुआत होखे जा रहल बा. हमनी भोजपुरिया के चलावे वाली कंपनी एचवी...

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आइल पतोहिया भारी रे

– ओ.पी. अमृतांशु पर घर के आसरा कइली मतारी, आइल पतोहिया भारी रे. रोएली लोरवा ढारी मतारी, रोएली लोरवा ढारी रे. नव महीना दरदिया सहली ,बबुआ के जनमवली  देवता-पितर पूजली, शीतला माई के गोद भरवली नजर-गुजर ना लागो, केतना मरीचा...

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पुरुबिया

– डॉ. गोरख मस्ताना भोजपुरी भासा ला बा, अरपित उमिरिया पुरबिया हई…….. हम हई भोजपुरिया, पुरुबिया हई हमरी अंगनवा में गंगा जी के धार बा आरी आरी दुनु ओरिया तीरथ हजार बा कासी विश्वनाथ देवघर पुण्य धाम बा सुबह बनारस के,...

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शब्द

– प्रो. शत्रुघ्न कुमार जानत नइखी टपके लागेला कहवा से ई शब्दन के बूंद लेके हथवा में लेखनी सोचे लागिला जब जब, बन जाला सदा कगजवा पर अक्षर उहे बूंद सादा कगजवा पर तब-तब. पढ़ एकरा केहू कही नइखे एकरा में कोई बात लिखले बाड़े ई...

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