कुकुरन के रोटी खियावत रहे के चाहीं – बतंगड़ 106
कुकुरन के रोटी खियावत रहे के चाहीं – बतंगड़ 106 आ जब हम कहऽतानी कि कुकुरन के रोटी...
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Read Moreखेड़ा का बहाने पेड़ा के चरचा – बतंगड़ 105 दुनिया में भोजपुरी भाषा में शुरु होखे वाली पहिल...
Read Moreलोकसभा चुनाव 2024 पूरा हो गइल. परिणामो आ गइल. सरकारो बन गइल. मंत्रीमंडल बन गइल आ विभागो बँटा गइल....
Read Moreहिन्दुवन के कमजोरी ह कि ऊ जीव हत्या पसन्द ना करसु. इहां ले कि जे मांसभक्षी होला उहो अपना सोझा काटल...
Read Moreवइसे त गोस्वामी तुलसीदास लिख गइल बानी कि समरथ के नहीं दोष गुसाईं बाकिर जमाना बदलल त कहाउतो बदलबे...
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